SBI का बड़ा जटका मिनिमम बेलेंस तमारा खता माँ नहीं होय टो हवे थी लग्शे चार्ज जो क्याठी ठह्से शरुआत


SBI का बड़ा जटका मिनिमम बेलेंस तमारा खता माँ नहीं होय टो हवे थी लग्शे चार्ज जो क्याठी ठह्से शरुआत , केतालू जोइशे मिनिमम बेलेंस?

देश में सार्वजनिक क्षेत्र के शीर्ष बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने अपने पांच सहयोगी बैंकों तथा नवगठित भारतीय महिला बैंक (बीएमबी) के खुद में विलय के लिए सरकार से अनुमति मांगी है। इससे सार्वजनिक बैंकिंग क्षेत्र में एकीकरण की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।

अभी अधिग्रहण के संबंध में कोई फैसला नहीं
एक बयान में एसबीआई ने कहा, 'हम केंद्र सरकार से अनुषंगी बैंकों के साथ विलय की वार्ता शुरू करने के लिए 'सैद्धान्तिक मंजूरी' मांग रहे हैं।' इसके अलावा एसबीआई ने भारतीय महिला बैंक के खुद में विलय के लिए मंजूरी मांगी है। इस प्रस्ताव के तहत एसबीआई इन बैंकों का कारोबार, परिसंपत्तियों तथा देनदारियों का अधिग्रहण करेगा। बैंक ने कहा कि यह फैसला शुद्ध रूप से अभी संभावना के स्तर पर है और इन अधिग्रहणों को पूरा करने को लेकर कोई निश्चितता नहीं है। बेहतर तरीके से कामकाज के संचालन जिससे पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके, की वजह इस फैसले के पीछे है। एसबीआई ने कहा कि अभी तक एक या अधिक अधिग्रहण के संबंध में कोई फैसला नहीं लिया गया है। इस पर निर्णय बैंक के निदेशक मंडल क्षरा सभी पहलुओं को देखने के बाद किया जाएगा।
Image result for SBI LOGO

सहायक बैंकों के निदेशक मंडलों ने रखा प्रस्ताव
इससे पहले दिन में पांचों सहायक बैंकों के निदेशक मंडलों ने मंगलवार को हुई बैठक में अपने मातृ संगठन एसबीआई के साथ विलय का प्रस्ताव किया। देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई के पांच सहायक बैंकों में- स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर तथा स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद शामिल हैं। इनमें से स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर तथा स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर सूचीबद्ध हैं। एसबीआई ने सबसे पहले स्टेट बैंक ऑफ सौराष्ट्र को 2008 में खुद में मिलाया था। उसके बाद 2010 में उसने स्टेट बैंक ऑफ इंदौर का विलय किया था।

विलय से एसबीआई का बहीखाता बढ़कर 37 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा 
एक बयान में स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर ने कहा कि एसबीआई के साथ विलय वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए बोर्ड ने सैद्धान्तिक मंजूरी दे दी है। स्टेट बैंक ऑफ मैसूर तथा स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर ने भी इसी तरह के बयान जारी किए हैं। इस प्रस्ताव के बारे में एसबीआई की चेयरपर्सन अरुंधति भट्टाचार्य ने कहा कि इस विलय से बैंक का बहीखाता बढ़कर 37 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच जाएगा, जो अभी 28 लाख करोड़ रुपये है।

महंगाई के करंट के बीच नोटबंदी का फायदा भी दिखने लगा है. आपकी ईएमआई कम होने वाली है. स्टेट बैंक समेत देश के तीन बड़े बैंकों ने अपने कर्ज के लैंडिंग रेट यानी MCLR में बड़ी कटौती कर दी है, इसका फायदा आज होम, ऑटो और पर्सनल लोन में दिख सकता है. आज बैंक अपने कर्ज की दरें कम करने का एलान कर सकता है.

31 दिसंबर की संध्या पर दिए गए पीएम मोदी के बड़े संबोधन का असर 24 घंटे के भीतर ही दिख रहा है. नोटबंदी की तकलीफ झेलने वाले लोगों के लिए बैंकों ने खुशखबरी सुना दी. साल के पहले ही दिन स्टेट बैंक समेत देश के तीन बड़े बैंकों ने ब्याज दरें कम कर दी हैं.

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने ब्याज दरों में नब्बे बेसिस प्वाइंट्स यानी जीरो दशमलव नौ शून्य की कटौती की है. एसबीआई के अलावा पंजाब नेशनल बैंक ने ब्याज दरों में 0.70 फीसदी की कटौती की है. वहीं यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने MCLR यानी ब्याज दरों को 0.65 से 0.90 फीसदी कम कर दिया है.

No comments:

Get Update By Email