गौमूत्र है सभी बीमारियों का इलाज, जरूर पढ़ें,

प्राचीन काल से ही हम गाय को माता का नाम देते आए हैं क्योंकि यह माता के समान हमारी रक्षा करती है। गाय का दूध, गोबर, घी सभी हमारे शरीर को स्वस्थ रखता है यहां तक की गाय का मूत्र हमें रोग मुक्त करता है, रोग प्रतिकारक शक्ति को बढ़ता है और शरीर के माँस-तंतुओं को स्वस्थ्य रखता है। हमारे देश में गायों की कई नस्लें पाई जाती हैं। वैसे तो सभी प्रकार की गाय हमारे लिए लाभकारी है। लेकिन अगर शुद्ध देसी गाय की नस्ल हमारे पास है तो समझ लीजिये की हमारे हाथ कोई जादुई चिराग लग गया हो। वैसे तो शुद्ध देसी गाय दूध कम देती है लेकिन कम दूध देने की वजह से देसी गाय के मूत्र में औषधीय गुण काफी मात्रा में बढ़ जाते हैं। ब्राजील में देशी गाय 2-3 करोड़ में बिकती है और हम भारतीय उनकी कोई कीमत नहीं समझते। आज देश में देशी गाय भरपेट खाना ना मिलने से सड़कों के किनारे कूड़ा करकट खा कर पेट भरी हैं। हम लोगों को देशी नस्ल की गायों के महत्व को समझना होगा।

गाय के दूध से होने वाले 100 फायदे तो हम जानते ही हैं लेकिन गौमूत्र से होने वाले अनगिनित फायदों से हम अभी तक अनजान हैं। गौमूत्र के नाम से कई लोगों के मुंह बन जाते हैं, क्योकि वह गौमूत्र के नियमित सेवन से होने वाले बड़े-बडे लाभ से अंजान होते हैं। बूढ़ी, बीमार और गर्भवती गायों के मूत्र को नहीं पीना चाहिए। गौमूत्र को कांच या मिट्टी के बर्तन में लेकर साफ सूती कपड़े से 3 बार छानकर चौथाई कप खाली पेट पीना चाहिए। गाय का मूत्र स्वाद में गरम, कसैला और कड़क लगता है। यह जीवाणु नाशक और जल्द ही पचने वाला होता है। इसमें नाइट्रोजन, कॉपर, फॉस्फेट, यूरिक एसिड, पोटैशियम, क्लोइराइड और सोडियम जैसे कई लाभकारी तत्व पाये जाते हैं।

जानते है गौमूत्र के फायदे:
1)- गौमूत्र हमेशा सुबह ही खाली पेट लेना चाहिए। बीमार व्यक्ति को 100 ग्राम गौमूत्र पीना चाहिए। खाली पेट, कुछ भी खाने से 1 घंटे पहले इसे पीना चाहिए और जो बीमार हैं वह दिन में दो बार भी ले सकते हैं। स्वस्थ लोगों को 50 ग्राम से ज्यादा नहीं पीना चाहिए।
2)- नियमित तौर पर इसका सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। यह शरीर को बैक्टीरिया से बचाती है। गाय का मूत्र पीने से रक्त शुद्ध होता है जिसकी वजह से मनुष्य उन बीमारियों से बच सकता है जो रक्त की अशुद्धि की वजह से होती है।
3)- त्रिफला और गाय के दूध का सेवन एक साथ किया जाए तो यह शरीर में एनीमिया की बीमारी को दूर करता है।
4)- टेंशन की वजह से हमारे नर्वस सिस्टम पर बुरा असर पड़ता है। गौमूत्र पीने से दिमाग और दिल दोनों को ही ताकत मिलती है और ये दोनों कई बीमारियों से बचे रहते हैं।
5)- वात, पित्त और कफ के रोगों को अकेले खत्म करने की क्षमता देशी गाय के गौमूत्र में होती है। गौमूत्र वात, पित्त, कफ तीनों की समस्या को अकेले की ख़त्म कर सकती है।
6)- CDRI लखनऊ के वैज्ञानिकों ने रिसर्च में पाया है कि गौमूत्र में वही 18 सूक्ष्म पोषक तत्व पाए जाते हैं जो कि मिट्टी में भी होते हैं। शरीर की बीमारियों को ठीक करने के लिए शरीर को जितने घटक चाहिए होते हैं वह सब गौमूत्र में उपलब्ध होते हैं। जैसे-सल्फर की कमी से शरीर में त्वचा के रोग होते हैं। गौमूत्र पीने से सोराइसिस, एक्जिमा, खुजली, दाद-खाज जैसे स्कीन के सभी रोग ठीक हो जाते हैं।

7)- गोमूत्र के पीने से टी.वी. जैसी बीमारी से पीड़ित व्यक्ति दुबारा फिर इस बीमारी से पीड़ित नहीं होता है। गोमूत्र से शरीर की प्रतिरोधक शक्ति इतनी अधिक बढ़ जाती है कि इससे बीमारियाँ शरीर में प्रवेश नहीं कर पाती हैं। रिसर्च में देखा गया है कि टी.बी. की बीमारी में डाट्स की गोलियों का असर गौमूत्र के साथ 20 गुना बढ़ जाता है। सिर्फ गौमूत्र पीने से टी.बी. 3 से 6 महीने में ठीक होती है तो वहीं सिर्फ डाट्स की गोलियां खाने से टी.बी. 9 महीने में ठीक होती है। जबकि डाट्स की गोलियाँ और गौमूत्र साथ-साथ लेने पर टी.बी. 2 से 3 महीने में ठीक हो जाती है।
8)- आंखो में जलन और शरीर में सुस्ती हो तो गौमूत्र में चीनी मिलाकर पीना लाभकारी होता है।
9)- गौमूत्र कॉपर और गोल्ड साल्ट्स से भरा होता है। जो हमारे शरीर में मिनरल्स के बैलेंस को कंट्रोल करता है। जिससे हमारी स्मरणशक्ति बढ़ती है और हमारा शरीर रोगों से अच्छी तरह से लड़ सकता है।
10)- करक्यूमिन नामक तत्व की कमी से हम कैंसर जैसी बीमारी से घिर जाते हैं। गौमूत्र में करक्यूमिन भरपूर मात्रा में पाया जाता है और पीने के तुरन्त बाद आसानी से पच जाता है। पेट के कैंसर, गले के कैंसर और आहारनली के कैंसर को गौमूत्र के सेवन से सही किया जा सकता है।
11)- एक गिलास पानी में चार बूंद गौमूत्र के साथ दो चम्मच शहद और 1 चम्मच नींबू का रस मिला कर रोजाना पीने से पेट की चर्बी कम होती है।

आध्यात्मिक उपचार में गौमूत्र का उपयोग:
प्रचीन काल से ये परम्परा चली आ रही है कि गौमूत्र की कुछ बूंदे पानी में मिलाकर घर में छिड़कने से घर पवित्र हो जाता है। इसके साथ ही कुछ बूंदे गौमूत्र की नहाने की बाल्टी में डालकर स्नान करने से हमारा शरीर ऊर्जावान होता है। नीचे दिए गए चित्र की सहायता से हम गौमूत्र से नहाने के फायदे को समझ सकते हैं। यह चित्र उच्च श्रेणी के अतिन्द्रीय ज्ञान को जानने वाले Mrs. Yoya Bali द्वारा बनाया गया है।
रिसर्च में यह पाया गया है कि गौमूत्र में 95% पानी , 2.5% यूरिया और बाकि 2.5% बचे तत्व मिनरल्स, साल्ट्स, होर्मोनेस और एन्जाइम होते हैं।
गौमूत्र में पाए जाने वाले घटक:
1Urine volume17-45ml/kg/day
2Specific gravity1.025-1.045
3pH7.4-8.4
4Urea nitrogen23-28ml/kg/day
5Ammonia nitrogen1-1.7ml/kg/day
5Total nitrogen40.45ml/kg/day
7Allantoin20-60ml/kg/day
8Calcium0.1-1.4ml/kg/day
9Chloride0.1-1.1mmol/kg/day
10Coproporphyrin5-14micogram/dl
11Creatinine15-20mg/kg/day
12Magnesium3.7mg/kg/day
13Potassium0.08-0.15mmol/kg/day
14Sodium0.2-1.1mmol/kg/day
15Sulphate3-5mg/kg/day
16Uric acid1-4mg/kg/day
17Uroporphyrin1.5-7.0mg/dl
18Leucocyte<15micro It
19GlucoseNil
20ProteinNil
21HaemoglobinNil
एन्जाइम:
1Lactate-Dehydrogenase21.780 unit|lt
2Alkaline Phosphotase110.110 KA Unit
3Acid Phosphotase456.620 XA unit
4Amylase90.236 unit
अन्य केमिकल्स :
1Protein0.1037gm|lt
2Uric Acid135.028mg|lt
3Creatinine0.9970 g|lt
4Lactate3.7830 milimole|lt
5Phenol4.7580mg|100ml
5Free volatile phenol0.7130mg|100ml
7Compound volatile phenol1.3420mg|100ml
8Aromatic hydroxy acid2.7030mg|100ml
9Calcium5.735 milimol|lt
10Phosphorous0.4805milimol|lt


-Puneet Kaur

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