जाने आपकी जमीन पर सरकार की नजर, आधार से करना होगा लिंक जयादा जाने यहाँ

सरकार की नजर अब आपकी जमीन पर हैं। सरकार जानना चाहती है कि किस व्यक्ति के पास कितनी जमीन मौजूद है, जिससे वो आसानी से पता लगा लेगी कि किसी व्यक्ति के पास बेनामी संपत्ति तो नहीं है|


इंडी या टुडे के मुताबिक, केंद्र ने इसके लिए राज्य सरकारों को पत्र लिखकर के 15 अगस्त तक सभी प्रकार के लैंड रिकॉर्ड को आधार नंबर से लिंक करने के लिए कहा है। सरकार का मानना है कि इससे जमीन के रिकॉर्ड में ट्रांस्पेरेंसी आएगी।

वहीं अधिकारियों को आसानी से पता चल जाएगा कि संबंधित व्यक्ति के पास मौजूद संपत्ति बेनामी है अथवा सही में उसी की है। इससे बैंकों को जमीन के बदले लोन देने में भी आसानी होगी। सरकार का यह भी मानना है कि इससे किसानों को फसल के लिए बीमा देने में इन्श्योरेंस कंपनियों को भी आसानी होगी। सरकार का कहना है कि 15 अगस्त के बाद जो भी प्रॉपर्टी आधार से लिंक नहीं होगी, उसकी बेनामी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
 

सभी प्रॉपर्टी को आधार नंबर से जोड़ने के बाद सरकार इस बात का आसानी से पता लगा सकती है कि किसके पास कितनी प्रोपर्टी है। सरकार आवासीय व व्यावसायिक प्रॉपर्टी के साथ जमीन के टुकड़ों को भी आधार नंबर से जोड़ेगी। गत 8 नवंबर को नोटबंदी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगली कार्रवाई बेनामी संपत्ति के खिलाफ करने की बात कही थी।

सभी बैंक जुड़ेंगे आधार से
मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक जिस प्रकार बैंक में खोले गए सभी खातों को आधार से जोड़ने का काम किया जा रहा है, वैसे ही सभी प्रोपर्टी को आधार से जोड़ने का काम किया जाएगा। पहले चरण में सरकार बैंक खातों को आधार से जोड़ रही है और जो बैंक खाते आधार से नहीं जुड़ेंगे, उन्हें बंद कर दिया जाएगा।

पुरानी प्रॉपर्टी को भी जुड़वाना होगा आधार से

इन दिनों प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री में आधार नंबर लिया जा रहा है, लेकिन जिन प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री पुरानी है और वह आधार नंबर से नहीं जुड़ी है, उसे आधार से जोड़ने का काम जल्द ही आरंभ किया जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक प्रॉपर्टी मालिकों को अपनी प्रॉपर्टी को आधार से जुड़ने का समय दिया जाएगा। उन्हें रजिस्ट्री कार्यालय में जाकर अपनी प्रोपर्टी को आधार से जुड़वाना होगा। आरंभ में राज्य सरकारों की तरफ से यह कवायद की जाएगी। इस मामले में केंद्र सरकार राज्य सरकारों से बात कर रही है।या टुडे के मुताबिक, केंद्र ने इसके लिए राज्य सरकारों को पत्र लिखकर के 15 अगस्त तक सभी प्रकार के लैंड रिकॉर्ड को आधार नंबर से लिंक करने के लिए कहा है। सरकार का मानना है कि इससे जमीन के रिकॉर्ड में ट्रांस्पेरेंसी आएगी।

वहीं अधिकारियों को आसानी से पता चल जाएगा कि संबंधित व्यक्ति के पास मौजूद संपत्ति बेनामी है अथवा सही में उसी की है। इससे बैंकों को जमीन के बदले लोन देने में भी आसानी होगी।
सरकार का यह भी मानना है कि इससे किसानों को फसल के लिए बीमा देने में इन्श्योरेंस कंपनियों को भी आसानी होगी। सरकार का कहना है कि 15 अगस्त के बाद जो भी प्रॉपर्टी आधार से लिंक नहीं होगी, उसकी बेनामी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।

सभी प्रॉपर्टी को आधार नंबर से जोड़ने के बाद सरकार इस बात का आसानी से पता लगा सकती है कि किसके पास कितनी प्रोपर्टी है। सरकार आवासीय व व्यावसायिक प्रॉपर्टी के साथ जमीन के टुकड़ों को भी आधार नंबर से जोड़ेगी। गत 8 नवंबर को नोटबंदी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगली कार्रवाई बेनामी संपत्ति के खिलाफ करने की बात कही थी।
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